Friday, August 27, 2021

2 दोस्तों की अनोखी कहानी -


                 

चलिए तो में आज आपको 2 बेस्ट फ्रेंड की एक बहुत डरावनी,लेकिन एक तरह से हांस्यापद कहानी से  रूबरू कराने जा रहा हूँ। तो दोस्तों में चाहता हूँ कि आप इस कहानी को ध्यान से पढिएगा,हो सकता आपसे जुडी हुई निकल जाये। हाहाहा डरियेगा मत,क्योंकि आगे आपको मज़ा आने वाला हैं। 

2 दोस्त थे,एक का नाम था श्याम और दुसरे का नाम था घनश्याम। तो  जैसे ही उन्होंने अपनी 12वीं की परीक्षा पास करी,और फिर वो दोनों गाँव से शहर में चले गए पढ़ने के लिए,दोनों खास दोस्त थे ना तो निकल गए साथ में अपनी मंज़िल की ओर।

फिर दिन था शनिवार का,सोचा कि कल तो कॉलेज की छूटी रहेगी,तो क्यूं ना आज रातको मूवी देखने चले। दोनों दोस्तों का मन बना और पहुंच गये सिनेमा। 

लेकिन वहां जाने के बाद पता चला कि भाईसाहब  डरावनी,भूतिया फिल्म लगी हुई है। अब ऐसा है,कि भूत के नाम से दोनों को डर लगता था,लेकिन जो घनश्याम बाबू थे उनकी भूत के नाम से कुछ ज्यादा ही फटती थीं। 

अब आ तो गए,तो सोचने लगे कि क्या करे देखे या नी देखे,तभी श्याम ने घनश्याम को बोला कि देख भाई मेरा तो मन है फिल्म देखने का,तू डरता है तो बोल नहीं देखेंगे।घनश्याम को लगा कि मैं मना करूँगा तो ये दूसरों के सामने मेरी हंसी उड़ाएगा,इसलिए घनश्याम ने भी हामी भर दी। 

अब दोनों ने जैसे तैसे फिल्म देख तो ली,लेकिन सिनेमा से निकलते ही दोनों ने चैन की सांस ली।अब वो अपने किराये के मकान पर पहुंचे तब तक रात की 12 बज गई थी।हमने अपनी कहानी में ऊपर बताया है कि जो घनश्याम बाबू है उनकी ज़्यादा फटती थी,तो मकान पर आते ही घनश्याम ने श्याम को बोला,भाई मुझे ज़ोर से लघुशंका लगी है,लघुशंका समझते हो ना,हाहाहा समझते ही होंगे सभी।

कहानी पर वापस आते हैं,घनश्याम श्याम को साथ में इसलिए ले जा रहा था क्योंकि उनका बाथरूम छत पर बना था। श्याम ने दिमाग लगाया क्यों ना घनश्याम को थोड़ा डराया जाये,ऐसा अवसर फिर कब मिलेगा। तो श्याम ने बोला चल भाई मुझे भी करना हैं,और फिर जैसे ही  घनश्याम बाथरूम में गया श्याम धीरे से छत का दरवाजा बंद करके निचे चला गया,घनश्याम बहार आया और देखा तो श्याम है ही नहीं,अब दरवाजे को धक्का दिया तो खुला ही नहीं,घनश्याम के तो पैरों तले ज़मीन खिसक गई।अब वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा और डर सा गया,लेकिन श्याम तो मज़े ले रहा था।तो घनश्याम इतना डर गया कि उसे बुखार आ गया,इस चीज़ को देखकर श्याम को भी पछतावा हुआ,और उसने माफ़ी भी मांगी,लेकिन घनश्याम ने उससे कुछ दिन बात नही करी और ठान लिया था कि,बेटा बदला तो लूंगा। 

कुछ दिनों बाद दोनों के बिच सब सामान्य हो गया,तब घनश्याम ने सोचा कि बदला लिया जाये,और घनश्याम ने देखा कि श्याम बाथरूम में ही है,तो उसने बहार से बाथरूम का ही गेट बंद कर दिया,और निचे आ गया। लेकिन घनश्याम की किस्मत ख़राब थी, क्योंकि मकान मालिक आ गया किराया लेने,समय भी ज़्यादा नहीं हुआ था। उसने बोला श्याम को बुलाओ क्योंकि हिसाब हर बार वो ही करता था,अब बिचारे घनश्याम का सारा खेल बिगड़ गया,और उसको दरवाजा खोलना पढ़ा।मकान मालिक के जाने के बाद श्याम बहुत हंसा,क्योंकि उसे पता चल गया था कि घनश्याम उससे बदला लेना चाह रहा था,फिर घनश्याम को भी हंसी आ गई,और दोनों दोस्त फिर से अच्छे से साथ में रहने लग गए। 

तो दोस्तों ये थी 2 दोस्तों की डरावनी,लेकिन हाँस्यापद कहानी,उम्मीद है आप सभी को पसंद आएगी,अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर देें। धन्यवाद💙💗।

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